राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया का एक
प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक
महासंघ द्वारा जनगणना कार्य से संबंधित
समस्याओं में मुख्य रूप से ग्रीष्मावकाश अवधि में कार्यरत शिक्षकों को उपार्जित
अवकाश प्रदान करने, जनगणना कार्य हेतु पृथक
समस्या निवारण पटल के गठन, पति-पत्नी की एक साथ ड्यूटी न
लगाए जाने तथा दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार, गर्भवती महिला एवं छोटे बच्चों की माताओं को ड्यूटी से मुक्त करने की मांग
की गई। साथ ही प्रशिक्षण केन्द्रों पर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने, दूरस्थ स्थानों पर लगाई गई ड्यूटी में संशोधन करने तथा शिक्षकों के साथ
गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया।
इसके अतिरिक्त महासंघ द्वारा विभिन्न
शैक्षिक समस्याओं के समाधान हेतु भी मांगें प्रस्तुत की गईं, जिनमें गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन बंद कराए
जाने, कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्य-पुस्तकों का समय से वितरण सुनिश्चित करने, वर्ष 2025-26 के अवशेष शिक्षकों के FLN मानदेय का अविलंब भुगतान करने, शिक्षकों की वेतन
कटौती से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण करने तथा लंबित निलंबन एवं वेतन-वृद्धि
बहाल करने की मांग प्रमुख रही।
महासंघ ने यह भी मांग किया कि शिक्षकों
की लंबित NPS कटौती, एरियर, बोनस आदि का शीघ्र भुगतान किया जाए तथा
सेवानिवृत्त शिक्षकों के समस्त देयकों का समय से निस्तारण किया जाए। साथ ही UPTET
परीक्षा में सम्मिलित होने वाले शिक्षकों को सामूहिक रूप से NOC
जारी करने तथा शिक्षकों के वेतन का समय से भुगतान सुनिश्चित करने की
मांग किया गया।
इस अवसर पर जिला सह संयोजक विवेक मिश्र, गोविन्द सिंह, अशोक तिवारी, प्रमोद कुशवाहा, शशांक मिश्र, आशुतोष
चतुर्वेदी, अभिषेक जायसवाल, वागीश
मिश्र, आशुतोष अमन आदि उपस्थित रहे।





