सोमवार, फ़रवरी 23, 2026

दिवंगत शिक्षक कृष्णमोहन सिंह की स्मृति में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने निकाला कैंडल मार्च

आज़ दिनांक 23/02/2026 सोमवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद देवरिया की ओर से दिवंगत शिक्षक की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा न्याय की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया ।

महासंघ के जिला संयोजक जयशिव प्रताप चन्द ने बताया कि बीते दिनों जनपद के एक शिक्षक द्वारा की गई दुखद आत्महत्या की घटना से समस्त शिक्षक समाज अत्यंत व्यथित एवं आहत है। यह घटना न केवल शिक्षा जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए गहन चिंता और आत्ममंथन का विषय है। इस घटना के घटित होने में जो भी जिम्मेदार है और जांच में जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई किया जाए। उन्होंने प्रशासन से मृत शिक्षक के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग किया।

सह संयोजक विवेक मिश्र ने कहा कि इस हृदय विदारक घटना ने बीएसए कार्यालय की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। संगठन द्वारा अधिकारियों को संज्ञानित कराने के बाद भी महीनों तक अध्यापकों की समस्याएं कार्यालय द्वारा लम्बित रखी जाती हैं।हाल के महीनों में विभिन्न प्रकार से शिक्षकों का उत्पीड़न बढ़ा है। SIR सहित अनेक गैर शैक्षणिक कार्यों के दबाव में शिक्षक अपने मूल दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं साथ ही मानसिक प्रताड़ना की स्थिति में हैं।


वरिष्ठ शिक्षक प्रतिनिधि मदन शाही ने कहा कि शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाये रखने के लिए विभाग में सुचिता और शिक्षकों में भरोसा कायम किया जाना अति आवश्यक है।


जिला कोर समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक तिवारी ने कहा कि इस घटना से समूचा शिक्षक समाज स्तब्ध है और शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हुआ है।


 इस दौरान गोविंद सिंह,प्रमोद कुशवाहा ,शशांक मिश्रा, आशुतोष नाथ तिवारी, अभिषेक जायसवाल, सत्यप्रकाश तिवारी , ज्ञानेश यादव, वागीश मिश्र, आशुतोष मिश्र अमन, रजनीकांत तिवारी, अमरेंद्र कुशवाहा, अशोक मल्ल,प्रवीण सिंह, सत्यप्रकाश, देवेंद्र सिंह, राजू चौरसिया, मनोज मिश्रा, शैलेंद्र चौबे, सुनीत तिवारी, अजय सिंह, देवेन्द्र प्रकाश,रुपेश सिंह,अभिनंदन यति सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

रविवार, नवंबर 30, 2025

सेवारत शिक्षकों के लिए टी.ई.टी. अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान जी को दिया ज्ञापन

आज दिनांक 30 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,जनपद- देवरिया के शिक्षक साथियों का प्रतिनिधिमंडल

शीतकालीन सत्र के ठीक पहले, जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार(सांसद बांसगांव) -कमलेश पासवान जी से मिला। 

प्रतिनिधि मंडल ने माननीय सांसद जी को सेवारत शिक्षकों के लिए टी.ई.टी. अनिवार्यता के मुद्दे की गंभीरता से अवगत कराते हुए सम्बन्धित ज्ञापन प्रदान किया। 

प्रतिनिधि मंडल ने माननीय सांसद जी से अनुरोध किया कि आगामी संसद-सत्र में शिक्षकों के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रभावी ढंग से संसद में प्रस्तुत किया जाए। 

जिला संयोजक जी द्वारा माननीय सांसद जी से संसद में प्रस्ताव लाने की पैरवी करने तथा संशोधन द्वारा उक्त प्रावधान से सेवारत शिक्षकों को राहत दिलाने का विनम्र अनुरोध किया गया।

माननीय सांसद जी ने शिक्षकों के अनुरोध को विनम्रता पूर्वक स्वीकार किया और आगामी संसद-सत्र में संसद में चर्चा करने का आश्वासन दिया है।

🥇 साथ-ही-साथ केंद्रीय शिक्षामंत्री आ. धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखने हेतु अपने PRO को निर्देशित किया।

 इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कार्यकारिणी से अशोक तिवारी,नर्वदेश्वर मणि त्रिपाठी,राम प्रताप रंजन, अरविंद कुमार ,नवीन प्रताप सिंह, रूपेश विश्वकर्मा, मनोज सिंह, विनय कुमार सिंह, दुर्गेश सिंह, राजू चौरसिया, घनश्याम तिवारी, आनंद तिवारी,अजय श्रीवास्तव,आनंद कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

शनिवार, नवंबर 29, 2025

सेवारत शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्ति हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने माननीय सांसद,देवरिया सदर-श्री शशांक मणि त्रिपाठी व माननीय सांसद,सलेमपुर- श्री रमाशंकर राजभर को दिया ज्ञापन

2010 के पूर्व सेवारत शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्ति व उनकी सेवा सुरक्षा का उद्देश्य लिए आज दिनांक 28

नवंबर को संसद के शीतकालीन सत्रारंभ के ठीक पहले अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार जनपद-देवरिया का प्रतिनिधिमंडल जिला-संयोजक जयशिव प्रताप चंद की अगुआई में माननीय सांसद,देवरिया सदर-श्री शशांक मणि त्रिपाठी व माननीय सांसद,सलेमपुर- श्री रमाशंकर राजभर से मिला व ज्ञापन सौंपा।

महासंघ ने सम्मानित सांसदगण के समक्ष इस संवेदनशील मुद्दे को वर्णित किया। साथ -ही-साथ इस संबंध में अध्यादेश पारित कराने की अपील की।

सांसद द्वय द्वारा मुद्दे को सदन में रखने व समुचित प्रयास करने का आश्वासन मिला।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

सोमवार, नवंबर 24, 2025

बीएलओ की मानसिक प्रताड़ना के दृष्टिगत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया ने जिलाधिकारी महोदया को दिया पत्रक

 बीएलओ की मानसिक प्रताड़ना के दृष्टिगत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया ने जिलाधिकारी महोदया को पत्रक देकर अन्य विभाग के समस्त ग्रामीण स्तर के कार्मिकों को बीएलओ के साथ फॉर्म भरवाने व प्राप्त करने में सहयोग देने और भरे हुए फॉर्म की फीडिंग में अन्य विभाग के तकनीकी रूप से दक्ष कार्मिकों को लगाते हुए कार्य आवंटन हेतु अनुरोध किया गया।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

मंगलवार, नवंबर 18, 2025

आनलाइन उपस्थिति एवं नॉनटेट साथियों की सेवा सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की बैठक

16 नवंबर को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की संचालन समिति एवं कार्य समिति की बैठक प्रदेश
कार्यसमिति अध्यक्ष प्रो. मेधावी की अध्यक्षता में अलीगंज,लखनऊ में सम्पन्न हुई।

बैठक में प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल ने संवर्गवार (प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च शिक्षा)  विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर चर्चा की जिसमें मूल रूप से दो समस्याएं प्रभावी रहीं-

1. टेट लागू होने से पहले के नॉनटेट साथियों की सेवा सुरक्षा।

2. ऑनलाइन उपस्थिति।


अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री महेंद्र कपूर जी ने कहा कि- 

🔹 "देश भर में टीईटी लागू होने से पूर्व सेवारत 20 लाख से अधिक शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता की बाध्यता से मुक्त कराने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा, सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर के निर्णय से 20 लाख से अधिक शिक्षकों की आजीविका  पर उत्पन्न हुए संकट से कोई भी शिक्षक निराश/हताश न हो, समस्या का समाधान कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।


🔹 इस समस्या समाधान को पूरे देश भर में संगठन ने सभी जिला केंद्रों से 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किए हैं एवम् प्रतिनिधि मंडल ने एन.सी.टी.ई के अध्यक्ष से भी भेंटवार्ता कर इस ज्वलंत समस्या के समाधान कराने की मांग की है।


🔹 संसद के शीतकालीन सत्र से पूर्व सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों से संपर्क कर संसद में अध्यादेश लाकर 20 लाख से अधिक शिक्षकों की समस्या समाधान कराने की मांग की जाएगी।

 

🔸 प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने 13 नवंबर को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में आहूत हुई बैठक की वार्ता एवं प्रमुख शिक्षक समस्याओं जिसमें- डिजिटल अटेंडेंस लागू करने से पूर्व 31 अर्जित अवकाश, हाफ डे लीव, प्रोन्नत वेतनमान, कैशलेश चिकित्सा, बीएलओ सहित विभिन्न गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, शिक्षकों के अंतःजनपदीय व अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, शिक्षकों से विकल्प लेकर आवास के निकट के विद्यालयों में तैनाती आदि मांगों के बारे में बताया।


▪️ जिला संयोजक देवरिया,जयशिव प्रताप चंद ने

1. शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की धारा-21 को पुनर्बहाल करने,

2. शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने,

3. बेसिक शिक्षा में प्रयोग हो रहे विभिन्न ऐप की अधिकता से शिक्षण कार्य बाधित होने आदि समस्याओं को रखा।


प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने बैठक में उपस्थित जिला व मंडल पदाधिकारियों की समस्याओं को सुनकर उन्हें सूचीबद्ध किया व शासन स्तर पर उनके समाधान कराने हेतु कार्ययोजना की घोषणा की।


कार्यक्रम के दौरान सभी संवर्गो (प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च) के जिलाध्यक्ष,जिला महामंत्री,मण्डल अध्यक्ष,मण्डल महामंत्री उपस्थित रहे।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया,उत्तर प्रदेश।