गुरुवार, जून 18, 2026

TET की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्ति हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने दिया ज्ञापन

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया द्वारा
आज शिक्षक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार
, माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार,माननीय मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार के
  नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी, देवरिया के माध्यम से प्रेषित किया गया।

 ज्ञापन में मांग की गई कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों तथा उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की तिथि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए तथा उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आवश्यक होने पर संसद अथवा सरकार द्वारा उपयुक्त विधायी एवं नीतिगत प्रावधान कर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए।

 

इस अवसर पर जिला संयोजक श्री जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि देश एवं प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में लगे हुए हैं। उनकी नियुक्तियां उस समय प्रभावी नियमों एवं योग्यता मानकों के अनुरूप हुई थीं। ऐसे शिक्षकों पर बाद में निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्याय, समानता एवं विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने सरकार से शिक्षक समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित समाधान निकालने की मांग की।

 

जिला सह संयोजक श्री विवेक मिश्रा ने कहा कि शिक्षकों के सेवा अधिकारों एवं भविष्य को लेकर व्याप्त असमंजस को शीघ्र समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव, कार्यकुशलता और योगदान को महत्व दिया जाना चाहिए तथा उनके वैधानिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक नीतिगत एवं प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जाने चाहिए।

 

कोर समिति सदस्य श्री गोविन्द सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों का मनोबल ऊंचा रहना आवश्यक है। लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को अनिश्चितता की स्थिति में रखना शिक्षा जगत के लिए हितकारी नहीं है। सरकार को इस विषय पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

 

कोर समिति सदस्य श्री आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि पूर्व में विधिवत नियुक्त शिक्षकों के अर्जित सेवा अधिकारों का संरक्षण किया जाना संविधान की भावना तथा प्राकृतिक न्याय के अनुरूप है। उन्होंने मांग की कि केंद्र एवं राज्य सरकारें इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असुरक्षा की भावना को दूर करें।

 

कोर समिति सदस्य श्री शशांक मिश्रा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए शिक्षक समुदाय की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए सरकार को शीघ्र प्रभावी निर्णय लेना चाहिए, जिससे शिक्षकों का विश्वास और मनोबल दोनों सुदृढ़ हो सकें।

 

महासंघ के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षक समुदाय की भावनाओं को समझते हुए न्यायपूर्ण एवं संवेदनशील निर्णय लेंगी तथा पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेंगी।

 

इस अवसर पर जिला कोर समिति व समस्त ब्लॉकों के पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।


बुधवार, अप्रैल 29, 2026

शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी एवं अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल (RSM Meeting with BSA)


राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया का एक प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक

जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला तथा ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्तमान में संचालित जनगणना कार्य एवं शैक्षिक व्यवस्था से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई।

 

महासंघ द्वारा जनगणना कार्य से संबंधित समस्याओं में मुख्य रूप से ग्रीष्मावकाश अवधि में कार्यरत शिक्षकों को उपार्जित अवकाश प्रदान करने, जनगणना कार्य हेतु पृथक समस्या निवारण पटल के गठन, पति-पत्नी की एक साथ ड्यूटी न लगाए जाने तथा दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार, गर्भवती महिला एवं छोटे बच्चों की माताओं को ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की गई। साथ ही प्रशिक्षण केन्द्रों पर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने, दूरस्थ स्थानों पर लगाई गई ड्यूटी में संशोधन करने तथा शिक्षकों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया।

 

इसके अतिरिक्त महासंघ द्वारा विभिन्न शैक्षिक समस्याओं के समाधान हेतु भी मांगें प्रस्तुत की गईं, जिनमें गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन बंद कराए जाने, कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्य-पुस्तकों का समय से वितरण सुनिश्चित करने, वर्ष 2025-26 के अवशेष शिक्षकों के FLN मानदेय का अविलंब भुगतान करने, शिक्षकों की वेतन कटौती से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण करने तथा लंबित निलंबन एवं वेतन-वृद्धि बहाल करने की मांग प्रमुख रही।

 

महासंघ ने यह भी मांग किया कि शिक्षकों की लंबित NPS कटौती, एरियर, बोनस आदि का शीघ्र भुगतान किया जाए तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों के समस्त देयकों का समय से निस्तारण किया जाए। साथ ही UPTET परीक्षा में सम्मिलित होने वाले शिक्षकों को सामूहिक रूप से NOC जारी करने तथा शिक्षकों के वेतन का समय से भुगतान सुनिश्चित करने की मांग किया गया।

इस अवसर पर जिला सह संयोजक विवेक मिश्र, गोविन्द सिंह, अशोक तिवारी, प्रमोद कुशवाहा, शशांक मिश्र, आशुतोष चतुर्वेदी, अभिषेक जायसवाल, वागीश मिश्र, आशुतोष अमन आदि उपस्थित रहे।

 


सोमवार, फ़रवरी 23, 2026

दिवंगत शिक्षक कृष्णमोहन सिंह की स्मृति में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने निकाला कैंडल मार्च

आज़ दिनांक 23/02/2026 सोमवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद देवरिया की ओर से दिवंगत शिक्षक की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा न्याय की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया ।

महासंघ के जिला संयोजक जयशिव प्रताप चन्द ने बताया कि बीते दिनों जनपद के एक शिक्षक द्वारा की गई दुखद आत्महत्या की घटना से समस्त शिक्षक समाज अत्यंत व्यथित एवं आहत है। यह घटना न केवल शिक्षा जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए गहन चिंता और आत्ममंथन का विषय है। इस घटना के घटित होने में जो भी जिम्मेदार है और जांच में जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई किया जाए। उन्होंने प्रशासन से मृत शिक्षक के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग किया।

सह संयोजक विवेक मिश्र ने कहा कि इस हृदय विदारक घटना ने बीएसए कार्यालय की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। संगठन द्वारा अधिकारियों को संज्ञानित कराने के बाद भी महीनों तक अध्यापकों की समस्याएं कार्यालय द्वारा लम्बित रखी जाती हैं।हाल के महीनों में विभिन्न प्रकार से शिक्षकों का उत्पीड़न बढ़ा है। SIR सहित अनेक गैर शैक्षणिक कार्यों के दबाव में शिक्षक अपने मूल दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं साथ ही मानसिक प्रताड़ना की स्थिति में हैं।


वरिष्ठ शिक्षक प्रतिनिधि मदन शाही ने कहा कि शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाये रखने के लिए विभाग में सुचिता और शिक्षकों में भरोसा कायम किया जाना अति आवश्यक है।


जिला कोर समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक तिवारी ने कहा कि इस घटना से समूचा शिक्षक समाज स्तब्ध है और शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हुआ है।


 इस दौरान गोविंद सिंह,प्रमोद कुशवाहा ,शशांक मिश्रा, आशुतोष नाथ तिवारी, अभिषेक जायसवाल, सत्यप्रकाश तिवारी , ज्ञानेश यादव, वागीश मिश्र, आशुतोष मिश्र अमन, रजनीकांत तिवारी, अमरेंद्र कुशवाहा, अशोक मल्ल,प्रवीण सिंह, सत्यप्रकाश, देवेंद्र सिंह, राजू चौरसिया, मनोज मिश्रा, शैलेंद्र चौबे, सुनीत तिवारी, अजय सिंह, देवेन्द्र प्रकाश,रुपेश सिंह,अभिनंदन यति सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

रविवार, नवंबर 30, 2025

सेवारत शिक्षकों के लिए टी.ई.टी. अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान जी को दिया ज्ञापन

आज दिनांक 30 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,जनपद- देवरिया के शिक्षक साथियों का प्रतिनिधिमंडल

शीतकालीन सत्र के ठीक पहले, जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार(सांसद बांसगांव) -कमलेश पासवान जी से मिला। 

प्रतिनिधि मंडल ने माननीय सांसद जी को सेवारत शिक्षकों के लिए टी.ई.टी. अनिवार्यता के मुद्दे की गंभीरता से अवगत कराते हुए सम्बन्धित ज्ञापन प्रदान किया। 

प्रतिनिधि मंडल ने माननीय सांसद जी से अनुरोध किया कि आगामी संसद-सत्र में शिक्षकों के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रभावी ढंग से संसद में प्रस्तुत किया जाए। 

जिला संयोजक जी द्वारा माननीय सांसद जी से संसद में प्रस्ताव लाने की पैरवी करने तथा संशोधन द्वारा उक्त प्रावधान से सेवारत शिक्षकों को राहत दिलाने का विनम्र अनुरोध किया गया।

माननीय सांसद जी ने शिक्षकों के अनुरोध को विनम्रता पूर्वक स्वीकार किया और आगामी संसद-सत्र में संसद में चर्चा करने का आश्वासन दिया है।

🥇 साथ-ही-साथ केंद्रीय शिक्षामंत्री आ. धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखने हेतु अपने PRO को निर्देशित किया।

 इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कार्यकारिणी से अशोक तिवारी,नर्वदेश्वर मणि त्रिपाठी,राम प्रताप रंजन, अरविंद कुमार ,नवीन प्रताप सिंह, रूपेश विश्वकर्मा, मनोज सिंह, विनय कुमार सिंह, दुर्गेश सिंह, राजू चौरसिया, घनश्याम तिवारी, आनंद तिवारी,अजय श्रीवास्तव,आनंद कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

शनिवार, नवंबर 29, 2025

सेवारत शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्ति हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने माननीय सांसद,देवरिया सदर-श्री शशांक मणि त्रिपाठी व माननीय सांसद,सलेमपुर- श्री रमाशंकर राजभर को दिया ज्ञापन

2010 के पूर्व सेवारत शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्ति व उनकी सेवा सुरक्षा का उद्देश्य लिए आज दिनांक 28

नवंबर को संसद के शीतकालीन सत्रारंभ के ठीक पहले अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार जनपद-देवरिया का प्रतिनिधिमंडल जिला-संयोजक जयशिव प्रताप चंद की अगुआई में माननीय सांसद,देवरिया सदर-श्री शशांक मणि त्रिपाठी व माननीय सांसद,सलेमपुर- श्री रमाशंकर राजभर से मिला व ज्ञापन सौंपा।

महासंघ ने सम्मानित सांसदगण के समक्ष इस संवेदनशील मुद्दे को वर्णित किया। साथ -ही-साथ इस संबंध में अध्यादेश पारित कराने की अपील की।

सांसद द्वय द्वारा मुद्दे को सदन में रखने व समुचित प्रयास करने का आश्वासन मिला।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।