सोमवार, जुलाई 07, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने युग्मन नीति के खिलाफ किया ज़बरदस्त प्रदर्शन

 शिक्षा सिर्फ किताबों और दीवारों तक सीमित नहीं होती, यह एक बच्चे का भविष्य, एक गाँव की आत्मा और पूरे

राष्ट्र की नींव होती है। लेकिन जब उस नींव को ही हिला देने वाला कोई फैसला हो, तो आवाज़ उठना स्वाभाविक है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे विद्यालय युग्मन (पेयरिंग) के फैसले ने प्रदेशभर के शिक्षकों को झकझोर कर रख दिया है।

इसी क्रम में आज देवरिया ज़िले में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने युग्मन नीति के खिलाफ ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां, आँखों में चिंता और दिल में विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर आक्रोश—यह प्रदर्शन सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की पुकार थी।

मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया

बीएसए कार्यालय से शुरू हुआ यह विरोध मार्च नारेबाजी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। महासंघ के ज़िला संयोजक जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि यह ज्ञापन केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि उन बच्चों का प्रतिनिधित्व करता है जिनकी शिक्षा इस नीति से बुरी तरह प्रभावित होगी।

उन्होंने कहा, “बिना भौतिक सर्वेक्षण, ग्राम सभा और SMC की सहमति के युग्मन का यह निर्णय न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है, बल्कि ग्रामीण व गरीब छात्रों के शिक्षा के अधिकार के साथ अन्याय है।”

शिक्षकों का गुस्सा फूटा — “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं”

जिला सहसंयोजक विवेक मिश्रा ने कहा, “इस प्रकार का मनमाना आदेश शिक्षक समाज को स्वीकार नहीं है। यदि अब आवाज़ नहीं उठाई गई, तो भविष्य में नौकरियों पर भी संकट आ सकता है।“

गोविन्द सिंह ने इसे आरटीई एक्ट 2009 के खिलाफ बताते हुए कहा, “विद्यालय केवल भवन नहीं होते, वे गाँव की आत्मा होते हैं। बच्चियाँ जो पहले विद्यालय जाती थीं, वे दूरी बढ़ने पर पढ़ाई से वंचित हो जाएँगी।”

अशोक तिवारी ने प्रशासन की अनदेखी पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा, “छात्र संख्या में पहले से ही बढ़ोत्तरी हो रही है। अप्रैल 2025 की संख्या के आधार पर युग्मन करना अव्यवहारिक है, जबकि सितंबर 2025 तक का समय दिया जाना चाहिए।”

आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा, “दूरी बढ़ने से ड्रॉपआउट की दर बढ़ेगी और पोषण, स्वास्थ्य, व उपस्थिति पर भी गहरा असर पड़ेगा। हम समावेशी शिक्षा चाहते हैं, अलगाव नहीं।”

एकजुट हुआ शिक्षक समाज — महिला शिक्षक संघ, अनुदेशक संघ सहित कई संगठन शामिल

इस विरोध प्रदर्शन में अनुदेशक संघ, शिक्षामित्र संघ, महिला शिक्षक संघ और अटेवा जैसे कई संगठनों ने हिस्सा लिया। मंच से विज्ञान सिंह, नीलम सिंह, मदन पटेल, अभिषेक गुप्ता और जय सिंह यादव ने शिक्षकों की भावनाओं को स्वर देते हुए सरकार से युग्मन नीति वापस लेने की माँग की।

हज़ारों की संख्या में जुटे शिक्षक

इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ज़िला और ब्लॉक इकाईयों के हज़ारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। प्रदर्शन में सत्यप्रकाश त्रिपाठी, आशुतोष नाथ तिवारी, शशांक मिश्र, ज्ञानेश यादव, प्रमोद कुशवाहा, वागीश दत्त मिश्र समेत अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

ब्लॉक स्तर से भी जितेन्द्र साहू, देवेन्द्र सिंह, एहसान उल हक, वीरेन्द्र यादव, संतोष त्रिपाठी समेत समस्त संयोजकों ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।

रविवार, जुलाई 06, 2025

आज 7 जुलाई को युग्मन के विरोध में ज्ञापन देगा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ

आज 7 जुलाई  2025 को विद्यालय युग्मन के खिलाफ राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया ने विरोध स्वरूप ज्ञापन का
कार्यक्रम दोपहर 2:30 बजे से रखा है . जिला संयोजक जय शिवप्रताप चंद ने बताया कि कार्यक्रम में शिक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया के कार्यालय पर एकत्र हो कर शांतिपूर्ण तरीके से जिलाधिकारी कार्यालय तक जायेंगे और वहां जिलाधिकारी महोदय को माननीय मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन सौपेंगे. 

उन्होंने समस्त अध्यापकों एवं संगठनों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा के अस्तित्व को बचाने के लिए, अपने सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के रोजगार के लिए हम सभी को एक स्वर में आज आवाज बुलन्द करनी है..

🗓 दिनांक : 07-07-2025
🕝 समय : 02:30 बजे
📍 स्थान : बीएसए कार्यालय, देवरिया

बुधवार, मई 14, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ब्लॉक इकाई भाटपाररानी का हुआ गठन,संतोष गुप्ता बने ब्लॉक संयोजक

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया के तत्वाधान में 14 मई 2025, दिन बुधवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र भाटपार रानी में गठन किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि से हुई। इसके बाद जनपद व ब्लॉक इकाई के समस्त पदाधिकारियों का माल्यार्पण व बैज अलंकरण कर स्वागत किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए जिला संयोजक जय शिव प्रताप चन्द ने कहा कि जनपद की शिक्षक राजनीति में
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एक संवेदनशील, स्वस्फूर्त,सजग व सक्रिय संगठन के रूप में अलग पहचान रखता है। भाटपार रानी में गठन के साथ जनपद के सभी 16 ब्लॉक में अपनी सक्रिय इकाइयों को स्थापित करने वाला इकलौता संगठन है। भाटपार रानी के शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

जिला सह संयोजक विवेक कुमार मिश्र ने कहा कि आज पूरे जनपद में अल्प अवधि में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों का जो भरोसा जीता है उसके जड़ में संगठन का आंतरिक लोकतंत्र, प्रतिबद्धता व निर्भीकता है जो हमें अन्य संगठनों के कार्यशैली से अलग करती है। 

जिला कोर कमेटी के सदस्य गोविन्द सिंह ने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा शिक्षकों के उत्पीड़न के विरुद्ध प्रभावी व त्वरित मोर्चा खोलकर शिक्षक सम्मान की बहाली की एक मजबूत इबारत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने लिखी है ।

जिला कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य अशोक तिवारी द्वारा नव गठित ब्लॉक इकाई की घोषणा व शपथ ग्रहण की कार्यवाही संपादित कराई गई।

भाटपार रानी के नव मनोनीत पदाधिकारी क्रमशः संतोष कुमार गुप्ता संयोजक, ऋषिकेश कुमार सिंह,संजय यादव, बृजेश मणि (सह संयोजक), अर्पण भारती (मीडिया प्रभारी), 

सूरज गुप्ता (सह मीडिया प्रभारी),

संदीप कुमार (सदस्यता प्रमुख), नासिर अली सिद्दीकी (सह सदस्यता प्रमुख)सर्वसम्मति से घोषित किए गए।

ब्लॉक संयोजक संतोष कुमार गुप्ता व सह संयोजक ऋषिकेश सिंह द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त शिक्षकों व शिक्षक पदाधिकारियो के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए ब्लाक के शिक्षकों के हितों के लिए संगठन के साथ निष्ठा से काम करने का आश्वासन दिया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम के समापन की औपचारिक घोषणा की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद व संचालन जिला कोर कमेटी के सदस्य नर्वदेश्वर मणि ने किया।

       इस अवसर पर जिला कोर समिति के समस्त सदस्य, समस्त ब्लॉक इकाईयों के पदाधिकारीगण सहित भाटपार रानी के आलोक सिंह, अरविन्द सिंह, सरवरे आलम, वरुणेश मिश्रा,अशोक यादव, वेदप्रकाश, जितेंद्र पान्डेय, विजय दूबे, संदीप कुशवाहा,पीयूष कुमार, नागेन्द्र कुमार, सईद अहमद, उदय गुप्ता, अमीरी लाल, गणपति, ऊषा मिश्रा, माधुरी पाण्डेय, प्रेमलता यादव, वीणा श्रीवास्तव सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।

सोमवार, मार्च 24, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल ने डायट प्राचार्य से की शिष्टाचार भेंट

आज दिनांक 24 मार्च, 2025 को टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद

के नेतृत्व में आदरणीय डायट प्राचार्य महोदय से शिष्टाचार भेंट की व जनपद में उनका स्वागत व अभिनन्दन किया।

 साथ ही साथ प्रतिनिधि मंडल बैंक ऑफ़ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक से भी मिला तथा पीएफएमएस से सम्बंधित शिक्षकों की समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया तथा विद्यालय अवधि के पश्चात PPA जमा करने में हो रही समस्याओं के निराकरण पर चर्चा किया।

 महोदय द्वारा संपूर्ण समाधान व तेजी से कार्यों को पूर्ण कराने का आश्वासन दिया गया।

इस दौरान सहसंयोजक विवेक मिश्रा, अशोक तिवारी, प्रमोद कुशवाहा, ज्ञानेश यादव,शशांक मिश्रा, आशुतोष मिश्र, दिनेश यादव,आशुतोष चतुर्वेदी इत्यादि मौजूद रहे।


शनिवार, मार्च 22, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग किया

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक जयशिव प्रताप चन्द के नेतृत्व में आज़ जिला

बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा वित्त एवं लेखा अधिकारी से भेंट कर शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग किया।

प्रतिनिधिमंडल ने आगामी शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु विद्यालयों में समय से पाठ्य पुस्तकें एवं रिपोर्ट कार्ड उपलब्ध कराने, प्रोन्नत वेतनमान आदेश शीघ्र जारी करने, शिक्षकों के अवशेष चयन वेतनमान के आदेश एवं एरियर भुगतान सुनिश्चित करने, सेवानिवृत्त शिक्षकों के समस्त देयकों का समय पर भुगतान, तथा नवीन नामांकन व प्रवेश के लिए ठोस पहल करते हुए जनपद में संचालित गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अभियान चलाकर बंद करने की मांग किया। इसके अलावा पूर्व से कार्यरत संकुल शिक्षकों को कार्यमुक्त  करने तथा 2004 के पूर्व शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने हेतु विकल्प पत्र भरने के लिए आदेश निर्गत करने की भी मांग किया गया।

वित्त एवं लेखा अधिकारी से मुलाकात के दौरान 31 मार्च को ईद के त्योहार को देखते हुए मार्च माह के वेतन का समय से भुगतान, 12460 भर्ती के शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि  तथा विभिन्न प्रकार के बकाया का भुगतान करने सहित चयन वेतनमान से आच्छादित शिक्षकों के बकाया एरियर के शीघ्र भुगतान की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।

जिला संयोजक ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया शिक्षकों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है और आशा करता है कि जिला कार्यालय इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए समाधान करेगा।

सह संयोजक विवेक मिश्र ने कहा कि कार्यालय स्तर पर लंबित समस्याओं का समय से निस्तारण न होने की दशा में संगठन संघर्ष के लिए सदैव तत्पर है।

प्रतिनिधिमंडल में जिला सह-संयोजक विवेक मिश्र, अशोक तिवारी, गोविन्द सिंह, शशांक मिश्र, प्रमोद कुशवाहा, आशुतोष नाथ तिवारी, आशुतोष चतुर्वेदी, नर्वदेश्वर मणि, वागीश मिश्र, शिखर शिवम, रजनीकांत तिवारी, जितेन्द्र साहू अनुज पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।