1) शिक्षकों के वेतन से हो रही अग्रिम आयकर कटौती को एक निश्चित वेतनमान को ध्यान में रखते हुए ,होम लोन और अन्य मदो के दृष्टिगत कम से कम कटौती करने की मांग की गई।
वित्त एवं लेखा अधिकारी ने इस पर विचार कर सकारात्मक कार्यवाही की बात कही साथ ही साथ उन्होंने यह कहा कि जिन लोगों का होम लोन चल रहा है वह एक आवेदन पत्र देकर उस कटौती को बंद करा सकते हैं। ।
2) शासन स्तर से रोक के बावजूद 2014 के बाद अगस्त 2022 तक जिन शिक्षकों का जीआईएस कटौती विभाग द्वारा किया गया है ,उसके संबंध में लेखा अधिकारी महोदय द्वारा बताया गया कि कार्यालय द्वारा पूर्व में ही विभाग एवं शासन में उच्च स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है।
3) नगर पालिका क्षेत्र के नए परिसीमन के उपरांत विस्तारित परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली स्कूलों के शिक्षकों एवं कार्मिकों के लिए नगरीय आवासीय भत्ता दिए जाने के संबंध में बताया गया कि इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा तहसील प्रशासन को पत्राचार किया जाना है ,तत्पश्चात अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
4) पिछले वित्तीय वर्ष में बकाया देयकों के भुगतान की बात कही गई इस पर वित्त एवं लेखाधिकारी ने कहा कि शासन से बजट आते ही सभी देयकों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाएगा। इन देयको के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा चुकी है।
प्रतिनिधिमंडल में विवेक मिश्रा, नर्वदेश्वर तिवारी ,विनय तिवारी, देवेन्द्र कुमार सिंह, प्रमोद कुशवाहा ,आशुतोष नाथ तिवारी, शशांक मिश्र, शिखर शिवम्, अभिषेक जायसवाल, सुनीत तिवारी, सुनील यादव आदि मौजूद रहे।

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