मंगलवार, नवंबर 18, 2025

आनलाइन उपस्थिति एवं नॉनटेट साथियों की सेवा सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की बैठक

16 नवंबर को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की संचालन समिति एवं कार्य समिति की बैठक प्रदेश
कार्यसमिति अध्यक्ष प्रो. मेधावी की अध्यक्षता में अलीगंज,लखनऊ में सम्पन्न हुई।

बैठक में प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल ने संवर्गवार (प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च शिक्षा)  विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर चर्चा की जिसमें मूल रूप से दो समस्याएं प्रभावी रहीं-

1. टेट लागू होने से पहले के नॉनटेट साथियों की सेवा सुरक्षा।

2. ऑनलाइन उपस्थिति।


अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री महेंद्र कपूर जी ने कहा कि- 

🔹 "देश भर में टीईटी लागू होने से पूर्व सेवारत 20 लाख से अधिक शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता की बाध्यता से मुक्त कराने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा, सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर के निर्णय से 20 लाख से अधिक शिक्षकों की आजीविका  पर उत्पन्न हुए संकट से कोई भी शिक्षक निराश/हताश न हो, समस्या का समाधान कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।


🔹 इस समस्या समाधान को पूरे देश भर में संगठन ने सभी जिला केंद्रों से 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किए हैं एवम् प्रतिनिधि मंडल ने एन.सी.टी.ई के अध्यक्ष से भी भेंटवार्ता कर इस ज्वलंत समस्या के समाधान कराने की मांग की है।


🔹 संसद के शीतकालीन सत्र से पूर्व सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों से संपर्क कर संसद में अध्यादेश लाकर 20 लाख से अधिक शिक्षकों की समस्या समाधान कराने की मांग की जाएगी।

 

🔸 प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने 13 नवंबर को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में आहूत हुई बैठक की वार्ता एवं प्रमुख शिक्षक समस्याओं जिसमें- डिजिटल अटेंडेंस लागू करने से पूर्व 31 अर्जित अवकाश, हाफ डे लीव, प्रोन्नत वेतनमान, कैशलेश चिकित्सा, बीएलओ सहित विभिन्न गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, शिक्षकों के अंतःजनपदीय व अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, शिक्षकों से विकल्प लेकर आवास के निकट के विद्यालयों में तैनाती आदि मांगों के बारे में बताया।


▪️ जिला संयोजक देवरिया,जयशिव प्रताप चंद ने

1. शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की धारा-21 को पुनर्बहाल करने,

2. शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने,

3. बेसिक शिक्षा में प्रयोग हो रहे विभिन्न ऐप की अधिकता से शिक्षण कार्य बाधित होने आदि समस्याओं को रखा।


प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने बैठक में उपस्थित जिला व मंडल पदाधिकारियों की समस्याओं को सुनकर उन्हें सूचीबद्ध किया व शासन स्तर पर उनके समाधान कराने हेतु कार्ययोजना की घोषणा की।


कार्यक्रम के दौरान सभी संवर्गो (प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च) के जिलाध्यक्ष,जिला महामंत्री,मण्डल अध्यक्ष,मण्डल महामंत्री उपस्थित रहे।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया,उत्तर प्रदेश।

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