गुरुवार, सितंबर 26, 2024

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया ज्ञापन


आज दिनांक 26 सितंबर 2024 को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की टीम जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में निम्न शिक्षक समस्याओं को लेकर जिला बेसिक एवं शिक्षा अधिकारी महोदया से मिला-

1. पूर्व और वर्तमान में हुए FLN  प्रशिक्षण का भुगतान किया जाए।

आश्वासन- जिस ब्लॉक से मैपिंग होकर सूची आ गयी है,जल्द ही उसका PPA जेनेरेट हो जाएगा और भुगतान प्रारम्भ हो जाएगा। लार ब्लॉक का PPA जेनेरेट हो चुका है,2-3 दिन में भुगतान हो जाएगा। अन्य ब्लॉकों से प्रक्रिया पूर्ण होते ही भुगतान किया जाएगा। पिछले सत्र के एफएलएन मानदेय के बारे जिला कार्यालय द्वारा प्रक्रिया किया जा चुका है। परियोजना से प्राप्त होने के पश्चात उसका भुगतान होगा।

2. 12460 भर्ती में नवनियुक्त शिक्षकों का दो शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापनोपरांत तत्काल  वेतन निर्गत किया जाए।

आश्वासन- सभी सत्यापन पूर्ण वाले अध्यापकों का इस माह वेतन भुगतान हो जाएगा।

3. गैर मान्यता व मानक विहीन विद्यालयों के संचालन पर रोक लगे।

4. 50 से कम नामांकन के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि पाने वाले विद्यालयों को प्रविष्टि मुक्त किया जाए।

आश्वासन- इस सम्बंध में जल्द ही कार्य किया जाएगा।

5. पड़ोस के जनपदों की भांति  देवरिया के शिक्षकों को भी बी•एल•ओ कार्य से मुक्त किया जाए।

आश्वासन- यह प्रशासन से जुड़ा मुद्दा है, इससे संबंधित प्रयास हेतु उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

6. विद्यालयों में सफाई कर्मियों की उपस्थिति हेतु संबंधित विभाग को पत्र निर्गत किया जाए।

आश्वासन- सम्बंधित विभाग से पत्राचार कर जल्द ही आदेश जारी होगा।

7. शिक्षिकाओं के सी•सी•एल सहित अन्य अवकाशों को समय से निस्तारित किया जाए।

आश्वासन- नियमानुसार सभी अवकाशों का निस्तारण किया जा रहा है। इस पर संगठन ने कहा कि ऐसे अनेक प्रकरण संज्ञान में आते हैं कि अवकाशों का विलंब से निस्तारण होने के कारण शिक्षिकाओं को असुविधा होती है तथा संबंधित विद्यालय को वेतन लाक करने में भी दिक्कत होती है।

8. शिक्षामित्र,अनुदेशक व रसोईया मानदेय हर माह नियत समय से प्रेषित किया जाए।

आश्वासन- सम्बंधित को निर्देशित किया गया है।

9. चयन वेतनमान की लंबित पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

आश्वासन- इसका जल्द निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।

10. शिक्षकों की मूल सेवा पुस्तिका को ऑफलाइन अपडेट किया जाए।

आश्वासन- इस सम्बंध में सभी खण्ड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।

11. वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को शिक्षकों से संबंधित विभिन्न कार्य जैसे- दो माह का बकाया DA अंतर,एन•पी•एस अंशदान को नियमित करने,लंबित एन•पी•एस कटौतियों को अपडेट करने,जी•पी•एफ अद्यतन करने,प्रान किट वितरित करने व विभिन्न प्रकार के एरियर का समय से भुगतान किए जाने हेतु अपने स्तर से निर्देशित किया जाए।

आश्वासन- इस माह के वेतन के पश्चात डीए डिफरेंस प्रेषित किया जाएगा। प्रान वितरण तेजी से कराया जाएगा।भुगतान को लंबित नही रखा जाएगा।

महोदया द्वारा उक्त समस्त समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु आश्वासन दिया गया।


सादर-टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

शुक्रवार, अगस्त 30, 2024

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया ज्ञापन

 सम्मानित शिक्षक साथियों, आत्मीय अभिवादन!🙏🏼

आज राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक जय शिव प्रताप चंद के नेतृत्व में जिला बेसिक

शिक्षा अधिकारी महोदया से मिला व शिक्षकों की निम्न समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया-

1. समायोजन की विसंगतियों का निस्तारण करने हेतु।

2. अवैध विद्यालयों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने हेतु।

3. 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के अध्यापकों की सैलरी रोकने या प्रतिकूल प्रविष्टि देने पर रोक लगाने हेतु।

4. कक्षा 1 में नवीन नामांकन हेतु आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आदेश जारी करने हेतु।

5. एफ•एल•एन प्रशिक्षण-2023 के बकाया मानदेय भुगतान के साथ-साथ वर्तमान में जारी प्रशिक्षण का भुगतान भी ससमय किए जाने हेतु।

6. सफाई कर्मियों द्वारा प्रतिदिन विद्यालय की साफ-सफाई सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में आदेश जारी करवाने हेतु।

7. बीएलओ कार्य में अन्य विभागों के कार्मिकों का योगदान प्रतिशत बढ़ाए जाने हेतु।

8. नियमानुसार नगर क्षेत्र के अध्यापकों का समायोजन नगर क्षेत्र में किए जाने हेतु।

9. माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में MRC के तहत 68,500 भर्ती में चयनित अध्यापकों की प्रथम नियुक्ति को ही मानव संपदा पर मौलिक नियुक्ति के रूप में दर्ज करने हेतु।

10. शिक्षक द्वारा दिये गए प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण दो हफ्ते के भीतर किए जाने हेतु।


महोदया द्वारा उक्त समस्त शिक्षक समस्याओं के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया गया।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने वित्त एवं लेखा अधिकारी को दिया ज्ञापन

 सम्मानित शिक्षक साथियों, आत्मीय अभिवादन!🙏🏼

आज राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला-संयोजक जयशिव प्रताप चंद अपनी कार्यकारिणी के साथ वित्त एवं लेखा
अधिकारी महोदय से मुलाकात मिले तथा निम्न वित्तीय समस्याओं के समाधान हेतु उनका ध्यान आकृष्ट कराया-

1. जनवरी व फरवरी 2024 के बकाया DA का भुगतान जल्द किया जाए।

2. शिक्षकों के बकाया एरियर का भुगतान हर माह की 15 तारीख तक करा दिया जाए।

3. एनपीएस अंशदान हरहाल प्रति माह क्रेडिट किया जाए।

4. अध्यापकों के छूटे या डिडक्ट हुए एनपीएस अंशदान को अद्यतन किया जाए।

5. सितंबर माह तक प्रान किट का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

6. शिक्षकों के प्रार्थना पत्रों का निस्तारण प्राप्ति के दो सप्ताह के भीतर किया जाए।

7. कार्यालय में कार्यरत समस्त पटल सहायकों के नाम,उनके कार्य व मोबाइल नंबर संगठन को उपलब्ध कराए जाएं।

 

जिला संयोजक द्वारा वित्त एवं लेखाधिकारी महोदय को उक्त समस्याओं का ससमय समाधान न मिलने की दशा में निकट भविष्य में धरना/प्रदर्शन आयोजित करने हेतु भी अवगत कराया गया।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया

मंगलवार, जुलाई 16, 2024

बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों की आनलाइन हाजिरी स्थगित- राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं शिक्षकों की एकता का परिणाम

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रयासों एवं शिक्षकों के धरने प्रदर्शन के कारण सरकार को ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था
स्थगित करनी पड़ी है। बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत शिक्षकों ने इस व्यवस्था का भारी विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप सरकार ने यह निर्णय लिया।
बीते कुछ दिनों से, प्रदेश में लाखोँ शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। उनका कहना था कि इस प्रणाली में कई तकनीकी खामियां हैं और यह उनके कामकाज में बाधा उत्पन्न कर रही है। साथ ही, इसे लागू करने में आने वाली समस्याओं और इसके प्रभावी होने पर भी सवाल उठाए गए।

शिक्षकों का मानना है कि ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली से उनके अधिकारों का हनन हो रहा है और इससे शिक्षण की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। इसके विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सरकार को ज्ञापन सौंपा और धरने प्रदर्शन का आयोजन किया। 

सरकार ने शिक्षकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए और उनकी चिंताओं का समाधान करने के लिए फिलहाल इस व्यवस्था को स्थगित करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि वे इस मुद्दे पर शिक्षकों के साथ चर्चा करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष जयशिव प्रताप चंद ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि यह शिक्षकों की एकता और संघर्ष का परिणाम है। परंतु उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आनलाइन उपस्थिति के साथ साथ अन्य सभी आनलाइन कार्यों का बहिष्कार मांगे न मानने तक जारी रहेगा। सरकार का यह निर्णय समस्या का समाधान ना होकर शिक्षक एकता को खंडित करने का प्रयास भी हो सकता है। 
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेगी और उनके हितों की रक्षा करेगी।उन्होंने कहा की राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व पहले माननीय मुख्यमंत्री जी से मिला पुनः कल राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश का प्राथमिक संवर्ग महानिदेशक महोदया से मिलकर 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। अंततः आप साथियों की विजय हुई, लेकिन जबतक माँगें ना मान लीं जाएँ,हमारी प्रदेश की टीम आप के हितों हेतु यू ह बेबाक़ी से लीड लेती रहेगी। अभी समस्या समाधान तक महासंघ का विरोध पूर्व की भाँति जारी रहेगा।  उन्होंने संकुल शिक्षकों, ARP एवं विभिन्न शिक्षक संगठनों के लोगों के सहयोग हेतु धन्यवाद दिया जिन्होंने शिक्षक के इन समस्याओं के मुद्दे पर एकजुटता बनाई रखी और सहयोग दिया। 
उन्होंने शिक्षकों के नाम भेजें अपने संबोधन में कहा कि

सम्मानित शिक्षक, शिक्षिका, अनुदेशक, शिक्षामित्र भाई बहन, 

आपकी एकता और साहस ने जिस प्रकार से व्यवस्था के अव्यवहारिक आदेश के खिलाफ हमारी आवाज को बुलंद किया, उसके लिए हम हृदय से आभारी हैं। आपके अदम्य संकल्प और दृढ़ता ने इस आंदोलन के सफलता की नींव रखी, और हमारे अधिकारों की रक्षा का मार्ग प्रशस्त किया। यह आपकी दृढ़ निष्ठा का ही परिणाम है कि सरकार ने अस्थाई रूप से अपने निर्णय पर रोक लगाने के लिए विवश हुई।
हम इस ऐतिहासिक जीत के लिए आप सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। यह संघर्ष मात्र एक प्रारंभिक कदम है, और हमें भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए सतत् सजग और संगठित रहना होगा। आपके अद्वितीय योगदान और समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब हम सभी एकजुट होकर किसी भी अन्याय के खिलाफ खड़े होते हैं, तो हम उसे पराजित कर सकते हैं।

इस विजय की अभिलाषा को संजोए रखते हुए, हम सभी को एक नए उत्साह और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना होगा। शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों के न्याय और सम्मान के लिए हमारा संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। हमें अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना होगा।
आप सभी को पुनः हार्दिक धन्यवाद और भविष्य के संघर्ष हेतु शुभकामनाएं।

यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षकों की आवाज़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजरें सरकार और शिक्षकों के बीच होने वाली आगामी वार्ताओं पर टिकी हैं, जिसमें ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था के भविष्य का निर्धारण किया जाएगा।

सोमवार, जुलाई 15, 2024

देवरिया जनपद के सभी ब्लॉक के संकुल शिक्षकों ने दिया संकुल पद से सामूहिक इस्तीफा.

जिले के विभिन्न ब्लॉक के लगभग 885 शिक्षकों ने संकुल शिक्षक के पद से सामूहिक त्यागपत्र दे दिया। शिक्षक

संकुल की नियुक्ति न्याय पंचायत स्तर पर गुणवत्ता संवर्द्धन हेतु वर्ष 2020 में हुई थी। उ0प्र0 सरकार केशासनादेश संख्या 123/68-05-2020 दिनांक 17 मार्च, 2020 के बिंदु संख्या- 5.2 तथा महानिदेशक, स्कूल शिक्षा व राज्य परियोजना कार्यालय के पत्र पत्रांक- गुण0वि0/शिक्षक संकुल/3966/2020-21 दिनांक- 07 सितम्बर,2020 के बिंदु संख्या- 14 के अनुसार "एक शिक्षक संकुल का कार्यकाल 01 वर्ष का होगा।परफॉर्मेंस रिव्यू के आधार पर यदि संकुल का कार्य बेहतर पाया जाता है तो अगले वर्ष पुनः कार्य करने का मौका दिया जाएगा।कोई एक सदस्य अधिकतम 02 वर्ष तक लगातार शिक्षक संकुल रह सकता है।"

संकुल शिक्षकों का कहना है कि इन नियमों के अनुसार संकुल शिक्षकों की नियुक्ति के पश्चात लगतार चौथे साल हम सभी से कार्य लिया जा रहा है, जो कि शासनादेश का उल्लंघन हैचूंकि शिक्षक संकुल की नियुक्ति शिक्षा की गुणवत्ता संवर्द्धन तथा विद्यालयों के प्रदर्शन बेहतर करने हेतु की गई थी जबकि शिक्षक संकुलों पर हमेशा अनावश्यक दबाव बना के इसके इतर अनेक कार्य समय-समय पर लिए जाते हैं, जिन कार्यो का सम्बंध शिक्षक संकुल के कार्य व दायित्व की सीमा में नही आता।

अचानक से जिले के सभी संकुल शिक्षकों के अपने पद से त्यागपत्र देने से बेसिक शिक्षा विभाग में बहुत बड़ा उथल-पुथल हो गया है। कार्यालय का न्याय पंचायत स्तर से सीधे सम्बन्ध का पूरा नेटवर्क एक झटके में ही टूट गया है जिससे बेसिक शिक्षा विभाग हलकान है।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जनपद के समस्त विकास खण्ड के लगभग सभी शिक्षक संकुल के अपने पदीय दायित्व से हटने की कार्यवाही को शिक्षक हित में बड़ा कदम बताया है। जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि  शासनादेश  के खिलाफ  जाकर संकुल शिक्षकों से जबरिया कार्य  लिया जा रहा है जो उनका मानसिक शोषण है. इस प्रकार के अनावश्यक दबाव व डिजिटाइजेशन के विरोध में संकुलों के इस्तीफे का संगठन शिक्षक हित में इस कदम का स्वागत करता है।कि