सादर-
टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,
जनपद-देवरिया।
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टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,
जनपद-देवरिया।
बैठक में प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल ने संवर्गवार (प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च शिक्षा) विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर चर्चा की जिसमें मूल रूप से दो समस्याएं प्रभावी रहीं-
1. टेट लागू होने से पहले के नॉनटेट साथियों की सेवा सुरक्षा।
2. ऑनलाइन उपस्थिति।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री महेंद्र कपूर जी ने कहा कि-
🔹 "देश भर में टीईटी लागू होने से पूर्व सेवारत 20 लाख से अधिक शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता की बाध्यता से मुक्त कराने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा, सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर के निर्णय से 20 लाख से अधिक शिक्षकों की आजीविका पर उत्पन्न हुए संकट से कोई भी शिक्षक निराश/हताश न हो, समस्या का समाधान कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
🔹 इस समस्या समाधान को पूरे देश भर में संगठन ने सभी जिला केंद्रों से 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किए हैं एवम् प्रतिनिधि मंडल ने एन.सी.टी.ई के अध्यक्ष से भी भेंटवार्ता कर इस ज्वलंत समस्या के समाधान कराने की मांग की है।
🔹 संसद के शीतकालीन सत्र से पूर्व सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों से संपर्क कर संसद में अध्यादेश लाकर 20 लाख से अधिक शिक्षकों की समस्या समाधान कराने की मांग की जाएगी।
🔸 प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने 13 नवंबर को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में आहूत हुई बैठक की वार्ता एवं प्रमुख शिक्षक समस्याओं जिसमें- डिजिटल अटेंडेंस लागू करने से पूर्व 31 अर्जित अवकाश, हाफ डे लीव, प्रोन्नत वेतनमान, कैशलेश चिकित्सा, बीएलओ सहित विभिन्न गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, शिक्षकों के अंतःजनपदीय व अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, शिक्षकों से विकल्प लेकर आवास के निकट के विद्यालयों में तैनाती आदि मांगों के बारे में बताया।
▪️ जिला संयोजक देवरिया,जयशिव प्रताप चंद ने
1. शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की धारा-21 को पुनर्बहाल करने,
2. शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने,
3. बेसिक शिक्षा में प्रयोग हो रहे विभिन्न ऐप की अधिकता से शिक्षण कार्य बाधित होने आदि समस्याओं को रखा।
प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने बैठक में उपस्थित जिला व मंडल पदाधिकारियों की समस्याओं को सुनकर उन्हें सूचीबद्ध किया व शासन स्तर पर उनके समाधान कराने हेतु कार्ययोजना की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान सभी संवर्गो (प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च) के जिलाध्यक्ष,जिला महामंत्री,मण्डल अध्यक्ष,मण्डल महामंत्री उपस्थित रहे।
सादर-
टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,
जनपद-देवरिया,उत्तर प्रदेश।
जनपद-देवरिया को मंडल चैंपियन बनने की आप समस्त को बहुत-बहुत बधाई। यह आप समस्त के मेहनत का परिणाम है। खेलों में बच्चों को शीर्ष पर ले जाना भी हमारा एक उद्देश्य होता है, जिसे जनपद के समस्त शिक्षक,शिक्षामित्र व अनुदेशक साथियों ने कर दिखाया।
इस तीन दिवसीय आयोजन ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने भी मैदान से मंच तक अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई तथा बच्चों के मनोबल को ऊंचा रखने में मदद किया।
हमारी पूरी टीम की ओर से पुनः आप समस्त को बधाई और स्टेट चैंपियनशिप हेतु मंगलकामनाएँ।
सादर-
टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,
जनपद-देवरिया।
* ऑनलाइन चयन वेतनमान व्यवस्था में यह निश्चित हो गया है कि-शिक्षक साथी का चयन वेतनमान ब्लॉक के L1
* ऐसे समस्त शिक्षक साथी अपने ब्लॉक कार्यालय के L-1 कार्मिक से संपर्क कर कृपया यह सुनिश्चित कर लें कि उनका नाम L-1 ID पर शो हो रहा है कि नहीं।
* यदि आपका डिटेल L-1 की आईडी पर शो नहीं हो रहा तो इस संबंध में एक आवेदन BEO महोदय के नाम से कार्यालय को रिसीव करा दें तथा इसकी सूचना राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अपने ब्लॉक संयोजक को भी दे दें।
♦️ NOTE-
॰ इस प्रक्रिया में अभ्यर्थी को अपने डिटेल्स व कार्यभार ग्रहण की कॉपी ब्लॉक पर L-1 को जमा करने की आवश्यकता पड़ेगी ताकि संबंधित के मानव संपदा पर यदि कोई त्रुटि हो तो उसमें वांछित सुधार करते हुए L-1 उसको BEO यानी L-2 को फॉरवर्ड कर सके
और अध्यापक के फॉर्म वापसी की संभावना बिल्कुल शून्य हो।
* आवेदन का परफॉर्मा इस संदेश के साथ संलग्न है। आवेदन के साथ निम्न डॉक्यूमेंट्स की कॉपी संलग्न करना अनिवार्य है-
* नियुक्ति पत्र।
* पद्दोन्नति पत्र।(यदि हुई हो तो)
* कार्यभार ग्रहण। ॰ अर्ह अध्यापक साथी को किसी प्रकार का ऑनलाइन आवेदन नहीं करना है।
सादर-
टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,
जनपद-देवरिया।
दिनांक 06/11/2025 को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी महोदया से मिला तथा शिक्षकों की निम्न समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया-* स्टूडेंट डिजिटल अटेंडेंस के मुद्दे पर संगठन ने प्रांतीय इकाई के पत्रक के क्रम में विरोध दर्ज कराया,साथ ही अनुरोध किया कि- संगठन द्वारा प्रदेश सरकार से की गई मांगों के पूर्ण होने तक डिजिटाइजेशन हेतु अध्यापकों पर दबाव न बनाया जाए।
* 29000 गणित/विज्ञान तथा 72825 भर्ती के शिक्षकों का यथाशीघ्र चयन वेतनमान आदेश निर्गत किया जाए।
* महासंघ द्वारा दी गई मर्जर मुक्ति वाली सूची पर त्वरित कार्यवाही किया जाना।
* बी.एल.ओ ड्यूटी में अन्य विभाग के कर्मियों की भी ड्यूटी लगाने तथा B.L.O प्रकरण में शिक्षकों का वेतन बाधित न किया जाए।
* प्रोन्नत वेतनमान हेतु अर्ह शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ तथा वरिष्ठता सूची का निर्धारण किया जाए।
* मानव संपदा पोर्टल पर सामूहिक नोटिस की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। यथासंभव नोटिस ना ही दिया जाए।
* वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा समस्त प्रकार के बकाया एरियर का भुगतान अविलंब कराया जाए।
* विभिन्न मानदेय यथा-समर कैंप,F.L.N आदि का भुगतान यथाशीघ्र किया जाए।
* अन्य जिलों की भांति S.I.R कार्य में संलग्न BLO/सुपरवाइजर को विभागीय कार्यों/नियमित शिक्षण कार्य से अस्थाई रूप से शिथिलता प्रदान की जाए।
महोदया द्वारा समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा त्वरित निस्तारण का आश्वासन मिला।