गुरुवार, जून 18, 2026

TET की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्ति हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने दिया ज्ञापन

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया द्वारा
आज शिक्षक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार
, माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार,माननीय मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार के
  नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी, देवरिया के माध्यम से प्रेषित किया गया।

 ज्ञापन में मांग की गई कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों तथा उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की तिथि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए तथा उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आवश्यक होने पर संसद अथवा सरकार द्वारा उपयुक्त विधायी एवं नीतिगत प्रावधान कर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए।

 

इस अवसर पर जिला संयोजक श्री जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि देश एवं प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में लगे हुए हैं। उनकी नियुक्तियां उस समय प्रभावी नियमों एवं योग्यता मानकों के अनुरूप हुई थीं। ऐसे शिक्षकों पर बाद में निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्याय, समानता एवं विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने सरकार से शिक्षक समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित समाधान निकालने की मांग की।

 

जिला सह संयोजक श्री विवेक मिश्रा ने कहा कि शिक्षकों के सेवा अधिकारों एवं भविष्य को लेकर व्याप्त असमंजस को शीघ्र समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव, कार्यकुशलता और योगदान को महत्व दिया जाना चाहिए तथा उनके वैधानिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक नीतिगत एवं प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जाने चाहिए।

 

कोर समिति सदस्य श्री गोविन्द सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों का मनोबल ऊंचा रहना आवश्यक है। लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को अनिश्चितता की स्थिति में रखना शिक्षा जगत के लिए हितकारी नहीं है। सरकार को इस विषय पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

 

कोर समिति सदस्य श्री आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि पूर्व में विधिवत नियुक्त शिक्षकों के अर्जित सेवा अधिकारों का संरक्षण किया जाना संविधान की भावना तथा प्राकृतिक न्याय के अनुरूप है। उन्होंने मांग की कि केंद्र एवं राज्य सरकारें इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असुरक्षा की भावना को दूर करें।

 

कोर समिति सदस्य श्री शशांक मिश्रा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए शिक्षक समुदाय की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए सरकार को शीघ्र प्रभावी निर्णय लेना चाहिए, जिससे शिक्षकों का विश्वास और मनोबल दोनों सुदृढ़ हो सकें।

 

महासंघ के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षक समुदाय की भावनाओं को समझते हुए न्यायपूर्ण एवं संवेदनशील निर्णय लेंगी तथा पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेंगी।

 

इस अवसर पर जिला कोर समिति व समस्त ब्लॉकों के पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।


बुधवार, अप्रैल 29, 2026

शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी एवं अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल (RSM Meeting with BSA)


राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया का एक प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक

जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला तथा ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्तमान में संचालित जनगणना कार्य एवं शैक्षिक व्यवस्था से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई।

 

महासंघ द्वारा जनगणना कार्य से संबंधित समस्याओं में मुख्य रूप से ग्रीष्मावकाश अवधि में कार्यरत शिक्षकों को उपार्जित अवकाश प्रदान करने, जनगणना कार्य हेतु पृथक समस्या निवारण पटल के गठन, पति-पत्नी की एक साथ ड्यूटी न लगाए जाने तथा दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार, गर्भवती महिला एवं छोटे बच्चों की माताओं को ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की गई। साथ ही प्रशिक्षण केन्द्रों पर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने, दूरस्थ स्थानों पर लगाई गई ड्यूटी में संशोधन करने तथा शिक्षकों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया।

 

इसके अतिरिक्त महासंघ द्वारा विभिन्न शैक्षिक समस्याओं के समाधान हेतु भी मांगें प्रस्तुत की गईं, जिनमें गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन बंद कराए जाने, कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्य-पुस्तकों का समय से वितरण सुनिश्चित करने, वर्ष 2025-26 के अवशेष शिक्षकों के FLN मानदेय का अविलंब भुगतान करने, शिक्षकों की वेतन कटौती से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण करने तथा लंबित निलंबन एवं वेतन-वृद्धि बहाल करने की मांग प्रमुख रही।

 

महासंघ ने यह भी मांग किया कि शिक्षकों की लंबित NPS कटौती, एरियर, बोनस आदि का शीघ्र भुगतान किया जाए तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों के समस्त देयकों का समय से निस्तारण किया जाए। साथ ही UPTET परीक्षा में सम्मिलित होने वाले शिक्षकों को सामूहिक रूप से NOC जारी करने तथा शिक्षकों के वेतन का समय से भुगतान सुनिश्चित करने की मांग किया गया।

इस अवसर पर जिला सह संयोजक विवेक मिश्र, गोविन्द सिंह, अशोक तिवारी, प्रमोद कुशवाहा, शशांक मिश्र, आशुतोष चतुर्वेदी, अभिषेक जायसवाल, वागीश मिश्र, आशुतोष अमन आदि उपस्थित रहे।

 


सोमवार, फ़रवरी 23, 2026

दिवंगत शिक्षक कृष्णमोहन सिंह की स्मृति में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने निकाला कैंडल मार्च

आज़ दिनांक 23/02/2026 सोमवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद देवरिया की ओर से दिवंगत शिक्षक की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा न्याय की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया ।

महासंघ के जिला संयोजक जयशिव प्रताप चन्द ने बताया कि बीते दिनों जनपद के एक शिक्षक द्वारा की गई दुखद आत्महत्या की घटना से समस्त शिक्षक समाज अत्यंत व्यथित एवं आहत है। यह घटना न केवल शिक्षा जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए गहन चिंता और आत्ममंथन का विषय है। इस घटना के घटित होने में जो भी जिम्मेदार है और जांच में जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई किया जाए। उन्होंने प्रशासन से मृत शिक्षक के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग किया।

सह संयोजक विवेक मिश्र ने कहा कि इस हृदय विदारक घटना ने बीएसए कार्यालय की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। संगठन द्वारा अधिकारियों को संज्ञानित कराने के बाद भी महीनों तक अध्यापकों की समस्याएं कार्यालय द्वारा लम्बित रखी जाती हैं।हाल के महीनों में विभिन्न प्रकार से शिक्षकों का उत्पीड़न बढ़ा है। SIR सहित अनेक गैर शैक्षणिक कार्यों के दबाव में शिक्षक अपने मूल दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं साथ ही मानसिक प्रताड़ना की स्थिति में हैं।


वरिष्ठ शिक्षक प्रतिनिधि मदन शाही ने कहा कि शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाये रखने के लिए विभाग में सुचिता और शिक्षकों में भरोसा कायम किया जाना अति आवश्यक है।


जिला कोर समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक तिवारी ने कहा कि इस घटना से समूचा शिक्षक समाज स्तब्ध है और शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हुआ है।


 इस दौरान गोविंद सिंह,प्रमोद कुशवाहा ,शशांक मिश्रा, आशुतोष नाथ तिवारी, अभिषेक जायसवाल, सत्यप्रकाश तिवारी , ज्ञानेश यादव, वागीश मिश्र, आशुतोष मिश्र अमन, रजनीकांत तिवारी, अमरेंद्र कुशवाहा, अशोक मल्ल,प्रवीण सिंह, सत्यप्रकाश, देवेंद्र सिंह, राजू चौरसिया, मनोज मिश्रा, शैलेंद्र चौबे, सुनीत तिवारी, अजय सिंह, देवेन्द्र प्रकाश,रुपेश सिंह,अभिनंदन यति सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

रविवार, नवंबर 30, 2025

सेवारत शिक्षकों के लिए टी.ई.टी. अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान जी को दिया ज्ञापन

आज दिनांक 30 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,जनपद- देवरिया के शिक्षक साथियों का प्रतिनिधिमंडल

शीतकालीन सत्र के ठीक पहले, जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार(सांसद बांसगांव) -कमलेश पासवान जी से मिला। 

प्रतिनिधि मंडल ने माननीय सांसद जी को सेवारत शिक्षकों के लिए टी.ई.टी. अनिवार्यता के मुद्दे की गंभीरता से अवगत कराते हुए सम्बन्धित ज्ञापन प्रदान किया। 

प्रतिनिधि मंडल ने माननीय सांसद जी से अनुरोध किया कि आगामी संसद-सत्र में शिक्षकों के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रभावी ढंग से संसद में प्रस्तुत किया जाए। 

जिला संयोजक जी द्वारा माननीय सांसद जी से संसद में प्रस्ताव लाने की पैरवी करने तथा संशोधन द्वारा उक्त प्रावधान से सेवारत शिक्षकों को राहत दिलाने का विनम्र अनुरोध किया गया।

माननीय सांसद जी ने शिक्षकों के अनुरोध को विनम्रता पूर्वक स्वीकार किया और आगामी संसद-सत्र में संसद में चर्चा करने का आश्वासन दिया है।

🥇 साथ-ही-साथ केंद्रीय शिक्षामंत्री आ. धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखने हेतु अपने PRO को निर्देशित किया।

 इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कार्यकारिणी से अशोक तिवारी,नर्वदेश्वर मणि त्रिपाठी,राम प्रताप रंजन, अरविंद कुमार ,नवीन प्रताप सिंह, रूपेश विश्वकर्मा, मनोज सिंह, विनय कुमार सिंह, दुर्गेश सिंह, राजू चौरसिया, घनश्याम तिवारी, आनंद तिवारी,अजय श्रीवास्तव,आनंद कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

शनिवार, नवंबर 29, 2025

सेवारत शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्ति हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने माननीय सांसद,देवरिया सदर-श्री शशांक मणि त्रिपाठी व माननीय सांसद,सलेमपुर- श्री रमाशंकर राजभर को दिया ज्ञापन

2010 के पूर्व सेवारत शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्ति व उनकी सेवा सुरक्षा का उद्देश्य लिए आज दिनांक 28

नवंबर को संसद के शीतकालीन सत्रारंभ के ठीक पहले अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार जनपद-देवरिया का प्रतिनिधिमंडल जिला-संयोजक जयशिव प्रताप चंद की अगुआई में माननीय सांसद,देवरिया सदर-श्री शशांक मणि त्रिपाठी व माननीय सांसद,सलेमपुर- श्री रमाशंकर राजभर से मिला व ज्ञापन सौंपा।

महासंघ ने सम्मानित सांसदगण के समक्ष इस संवेदनशील मुद्दे को वर्णित किया। साथ -ही-साथ इस संबंध में अध्यादेश पारित कराने की अपील की।

सांसद द्वय द्वारा मुद्दे को सदन में रखने व समुचित प्रयास करने का आश्वासन मिला।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

सोमवार, नवंबर 24, 2025

बीएलओ की मानसिक प्रताड़ना के दृष्टिगत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया ने जिलाधिकारी महोदया को दिया पत्रक

 बीएलओ की मानसिक प्रताड़ना के दृष्टिगत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया ने जिलाधिकारी महोदया को पत्रक देकर अन्य विभाग के समस्त ग्रामीण स्तर के कार्मिकों को बीएलओ के साथ फॉर्म भरवाने व प्राप्त करने में सहयोग देने और भरे हुए फॉर्म की फीडिंग में अन्य विभाग के तकनीकी रूप से दक्ष कार्मिकों को लगाते हुए कार्य आवंटन हेतु अनुरोध किया गया।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

मंगलवार, नवंबर 18, 2025

आनलाइन उपस्थिति एवं नॉनटेट साथियों की सेवा सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की बैठक

16 नवंबर को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की संचालन समिति एवं कार्य समिति की बैठक प्रदेश
कार्यसमिति अध्यक्ष प्रो. मेधावी की अध्यक्षता में अलीगंज,लखनऊ में सम्पन्न हुई।

बैठक में प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल ने संवर्गवार (प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च शिक्षा)  विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर चर्चा की जिसमें मूल रूप से दो समस्याएं प्रभावी रहीं-

1. टेट लागू होने से पहले के नॉनटेट साथियों की सेवा सुरक्षा।

2. ऑनलाइन उपस्थिति।


अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री महेंद्र कपूर जी ने कहा कि- 

🔹 "देश भर में टीईटी लागू होने से पूर्व सेवारत 20 लाख से अधिक शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता की बाध्यता से मुक्त कराने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा, सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर के निर्णय से 20 लाख से अधिक शिक्षकों की आजीविका  पर उत्पन्न हुए संकट से कोई भी शिक्षक निराश/हताश न हो, समस्या का समाधान कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।


🔹 इस समस्या समाधान को पूरे देश भर में संगठन ने सभी जिला केंद्रों से 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किए हैं एवम् प्रतिनिधि मंडल ने एन.सी.टी.ई के अध्यक्ष से भी भेंटवार्ता कर इस ज्वलंत समस्या के समाधान कराने की मांग की है।


🔹 संसद के शीतकालीन सत्र से पूर्व सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों से संपर्क कर संसद में अध्यादेश लाकर 20 लाख से अधिक शिक्षकों की समस्या समाधान कराने की मांग की जाएगी।

 

🔸 प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने 13 नवंबर को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में आहूत हुई बैठक की वार्ता एवं प्रमुख शिक्षक समस्याओं जिसमें- डिजिटल अटेंडेंस लागू करने से पूर्व 31 अर्जित अवकाश, हाफ डे लीव, प्रोन्नत वेतनमान, कैशलेश चिकित्सा, बीएलओ सहित विभिन्न गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, शिक्षकों के अंतःजनपदीय व अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, शिक्षकों से विकल्प लेकर आवास के निकट के विद्यालयों में तैनाती आदि मांगों के बारे में बताया।


▪️ जिला संयोजक देवरिया,जयशिव प्रताप चंद ने

1. शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की धारा-21 को पुनर्बहाल करने,

2. शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने,

3. बेसिक शिक्षा में प्रयोग हो रहे विभिन्न ऐप की अधिकता से शिक्षण कार्य बाधित होने आदि समस्याओं को रखा।


प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने बैठक में उपस्थित जिला व मंडल पदाधिकारियों की समस्याओं को सुनकर उन्हें सूचीबद्ध किया व शासन स्तर पर उनके समाधान कराने हेतु कार्ययोजना की घोषणा की।


कार्यक्रम के दौरान सभी संवर्गो (प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च) के जिलाध्यक्ष,जिला महामंत्री,मण्डल अध्यक्ष,मण्डल महामंत्री उपस्थित रहे।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया,उत्तर प्रदेश।

गुरुवार, नवंबर 13, 2025

देवरिया बना मंडल चैम्पियन

जनपद-देवरिया को मंडल चैंपियन बनने की आप समस्त को बहुत-बहुत बधाई। यह आप समस्त के मेहनत का परिणाम है। खेलों में बच्चों को शीर्ष पर ले जाना भी हमारा एक उद्देश्य होता है, जिसे जनपद के समस्त शिक्षक,शिक्षामित्र व अनुदेशक साथियों ने कर दिखाया। 

इस तीन दिवसीय आयोजन ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने भी मैदान से मंच तक अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई तथा बच्चों के मनोबल को ऊंचा रखने में मदद किया। 

हमारी पूरी टीम की ओर से पुनः आप समस्त को बधाई और स्टेट चैंपियनशिप हेतु मंगलकामनाएँ। 

सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

सोमवार, नवंबर 10, 2025

चयन वेतनमान के समबन्ध में सूचना

 
* ऑनलाइन चयन वेतनमान व्यवस्था में यह निश्चित हो गया है कि-शिक्षक साथी का चयन वेतनमान ब्लॉक के  L1 

की आई.डी पर एक दिन उपरांत ही शो होने लगेगा जबकि पूर्व में इसके शो होने में काफ़ी समय लगता था। 

* ऐसे समस्त शिक्षक साथी अपने ब्लॉक कार्यालय के L-1 कार्मिक से संपर्क कर कृपया यह सुनिश्चित कर लें कि उनका नाम L-1  ID पर शो हो रहा है कि नहीं।

* ⁠यदि आपका डिटेल L-1 की आईडी पर शो नहीं हो रहा तो इस संबंध में एक आवेदन BEO महोदय के नाम से कार्यालय को रिसीव करा दें तथा इसकी सूचना राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अपने ब्लॉक संयोजक को भी दे दें।

♦️ NOTE- 

॰ इस प्रक्रिया में अभ्यर्थी को अपने डिटेल्स व कार्यभार ग्रहण की कॉपी ब्लॉक पर L-1 को जमा करने की आवश्यकता पड़ेगी ताकि संबंधित के मानव संपदा पर यदि कोई त्रुटि हो तो उसमें वांछित सुधार करते हुए L-1 उसको BEO यानी L-2 को फॉरवर्ड कर सके

और अध्यापक के फॉर्म वापसी की संभावना बिल्कुल शून्य हो।

* आवेदन का परफॉर्मा इस संदेश के साथ संलग्न है। आवेदन के साथ निम्न डॉक्यूमेंट्स की कॉपी संलग्न करना अनिवार्य है-

* ⁠नियुक्ति पत्र। 

* ⁠पद्दोन्नति पत्र।(यदि हुई हो तो)

* ⁠कार्यभार ग्रहण। ॰ अर्ह अध्यापक साथी को किसी प्रकार का ऑनलाइन आवेदन नहीं करना है।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद-देवरिया।

गुरुवार, नवंबर 06, 2025

चयन वेतनमान एवं बीएलओ ड्यूटी के सम्बन्ध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल

दिनांक 06/11/2025 को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी महोदया से मिला तथा शिक्षकों की निम्न समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया-

* स्टूडेंट डिजिटल अटेंडेंस के मुद्दे पर संगठन ने प्रांतीय इकाई के पत्रक के क्रम में विरोध दर्ज कराया,साथ ही अनुरोध किया कि- संगठन द्वारा प्रदेश सरकार से की गई मांगों  के पूर्ण होने तक डिजिटाइजेशन हेतु अध्यापकों पर दबाव न बनाया जाए।

* ⁠29000 गणित/विज्ञान तथा 72825 भर्ती के शिक्षकों का यथाशीघ्र चयन वेतनमान आदेश निर्गत किया जाए। 

* ⁠महासंघ द्वारा दी गई मर्जर मुक्ति वाली सूची पर त्वरित कार्यवाही किया जाना। 

* ⁠बी.एल.ओ ड्यूटी में अन्य विभाग के कर्मियों की भी ड्यूटी लगाने तथा B.L.O प्रकरण में शिक्षकों का वेतन बाधित न किया जाए। 

* ⁠प्रोन्नत वेतनमान हेतु अर्ह शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ तथा वरिष्ठता सूची का निर्धारण किया जाए। 

* ⁠मानव संपदा पोर्टल पर सामूहिक नोटिस की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। यथासंभव नोटिस ना ही दिया जाए।

* ⁠वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा समस्त प्रकार के बकाया एरियर का भुगतान अविलंब कराया जाए। 

* ⁠विभिन्न मानदेय यथा-समर कैंप,F.L.N आदि का भुगतान यथाशीघ्र किया जाए। 

* ⁠अन्य जिलों की भांति S.I.R कार्य में संलग्न BLO/सुपरवाइजर को विभागीय कार्यों/नियमित शिक्षण कार्य से अस्थाई रूप से शिथिलता प्रदान की जाए। 


महोदया द्वारा समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा त्वरित निस्तारण का आश्वासन मिला।

शनिवार, अक्टूबर 18, 2025

छठ अवकाश हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से की गई मुलाकात

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदया से 18 अक्टूबर 2025 को मुलाकात की गयी। इस दौरान लोक आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर 27 अक्टूबर 2025 को स्थानीय अवकाश हेतु जिलाधिकारी महोदया को संबोधित ज्ञापन को सौंपा गया। जिस पर बीएसए महोदया ने  सहमति दी।




Update 


साथियों,

     आत्मीय अभिवादन 🙏


दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा जिलाधिकारी महोदया व बीएसए महोदया को पत्रक देकर 27 अक्टूबर 2025 को लोक आस्था के महापर्व छठ के दृष्टिगत अवकाश की मांग की गई थी।आज पुनः टीम द्वारा इस सम्बंध में सक्रिय प्रयास किया गया। जिसके फलस्वरूप 27 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया।

शनिवार, सितंबर 27, 2025

महाष्टमी अवकाश हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद देवरिया के जिला संयोजक ने आज जिलाधिकारी महोदया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मेंबताया गया कि जिला मजिस्ट्रेट अवकाश कैलेंडर में 30 सितम्बर 2025 (महाष्टमी) को सार्वजनिक अवकाश घोषित है, किंतु बेसिक शिक्षा विभाग की अवकाश सूची में यह तिथि शामिल नहीं है।

इस विसंगति के कारण शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है। महासंघ ने जिलाधिकारी महोदय से मांग की है कि महाष्टमी के अवसर पर सभी परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित करने का आदेश जारी किया जाए।

महासंघ ने कहा कि महाष्टमी धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, अतः अवकाश की घोषणा से विद्यालयों में एकरूपता बनी रहेगी और अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।




Update - राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मांग पत्र दिनांक 27 सितंबर के आधार पर जिलाधिकारी महोदया ने दुर्गाष्टमी की छुट्टी को स्वीकृति हेतु बीएसए महोदय को भेजा। 

पत्र के क्रम में BSA महोदया द्वारा दुर्गाष्टमी पर दिनांक 30 सितम्बर 2025 को अवकाश हेतु आदेश निर्गत किया गया।

आप समस्त को शारदीय नवरात्रि की पुनः बहुत-बहुत शुभकामनाएं।


सादर-

टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,

जनपद देवरिया।

रविवार, सितंबर 14, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया के बैनर तले जिले में कार्यरत शिक्षकों द्वारा दिया गया माननीय प्रधानमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन

आज देवरिया जिले में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया के बैनर तले जिले में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षक

पदाधिकारियों द्वारा माननीय प्रधानमंत्री जी को संबोधित एक ज्ञापन, जिलाधिकारी देवरिया के माध्यम से प्रेषित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक जयशिव प्रताप चन्द ने एवं संचालन नर्वदेश्वर मणि ने किया।
इस ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया है कि सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) परीक्षा अनिवार्य किए जाने का निर्णय न केवल अव्यावहारिक है बल्कि यह शिक्षकों की गरिमा एवं उनके वर्षों के अनुभव को भी आघात पहुँचाता है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि—

1.शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और आरटीई में दो श्रेणियां हैं। जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि 2010 के पहले के शिक्षकों के लिए की सेवा हेतु  टीईटी अनिवार्य नहीं है। किन्तु इस निर्णय का प्रतिकूल प्रभाव देश के लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और आजीविका पर पड़ रहा है। जिसके समाधान के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।

2. पहले से कार्यरत अध्यापक चयन की वैधानिक प्रक्रिया से नियुक्त हुए हैं और वर्षों से बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

3. सेवा में रहते हुए टीईटी परीक्षा अनिवार्य करना उनके आत्मसम्मान और स्थिरता पर प्रहार है।

4. यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में अस्थिरता पैदा करेगा और शिक्षकों में अनावश्यक भय व असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न करेगा।

5. सरकार को चाहिए कि वह पहले से कार्यरत शिक्षकों को इस नियम से मुक्त (Exempted) रखे।

इस अवसर पर जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद  ने कहा कि अगर सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्रत्येक शिक्षक की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए कटिबद्ध एवं प्रतिबद्ध है। यदि इस ज्ञापन कार्यक्रम के बाद भी सरकार ने यदि समस्या का समाधान नहीं किया तो राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व आन्दोलन के अगले चरण का ऐलान करेगा।


जिला सहसंयोजक विवेक मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार का निर्णय न सिर्फ वरिष्ठ शिक्षकों के अनुभव का अपमान है अपितु एक प्रकार की नई परम्परा की शुरुआत है जिसे शिक्षक किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।पूरा शिक्षक समाज इस निर्णय के निराश है सरकार समस्या का त्वरित समाधान करे अन्यथा शिक्षकों को व्यापक स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा । 

जिला इकाई के सदस्य आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक है उन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करना और सम्मान की रक्षा करना जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन इस पवित्र शिक्षण कार्य को समर्पित किया है। 

वरिष्ठ शिक्षक नेता मदन शाही ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग को प्रयोगशाला बना दिया गया है जिसमें शिक्षकों पर निरन्तर प्रयोग किए जा रहे हैं, शिक्षकों के लिए एक भय का वातावरण बना दिया गया है तथा शिक्षकों से अनेक गैर शैक्षणिक कार्य लिए जा रहे हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

जिला इकाई के सदस्य गोविन्द सिंह ने कहा वर्षों तक निष्ठा पूर्वक अपने शैक्षणिक दायित्व का निर्वहन करने बाद वर्तमान स्थिति बहुत ही पीड़ादायक और शिक्षकों की गरिमा गिराने वाली है। 

जिला इकाई के सदस्य अशोक तिवारी ने कहा कि इस आदेश से प्रदेश के लगभग दो लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं जिनकी आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है। सरकार को सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए नियमों में संशोधन कर शिक्षकों की सुरक्षा करनी चाहिए।

अन्य शिक्षक संगठनों से मदन सिंह पटेल, विज्ञान सिंह, राजेश मिश्रा आदि ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर कोर समिति के सदस्य ज्ञानेश यादव, प्रमोद कुशवाहा,सत्यप्रकाश त्रिपाठी, आशुतोष नाथ तिवारी, शिखर त्रिपाठी, शशांक मिश्र, वागीश मिश्र, अभिषेक जायसवाल, आशुतोष अमन, रजनीकांत त्रिपाठी,ब्लॉक संयोजक मनोज सिंह,अतुल कुमार मिश्र, संतोष कुमार गुप्त,जितेन्द्र कुमार साहू, विनय कुमार त्रिपाठी, देवेन्द्र सिंह, एहसान उल हक़, वीरेन्द्र यादव, रणबीर यादव, संतोष त्रिपाठी, अमरेन्द्र यादव, राम बालक सिंह, ज्योति गुप्ता, ओमप्रकाश प्रसाद, प्रत्युष राय,दुर्गेशवर, अनुज , राघवेन्द्र, सहित हजारों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी एकजुटता व्यक्त की।

रविवार, अगस्त 31, 2025

विद्यालयों में गूंजा उद्घोष – “हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान” शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया पंच संकल्प

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर दिनांक 01 सितम्बर 2025 को देशभर के विद्यालयों में
“हमारा विद्यालय – हमारा स्वाभिमान” संकल्प कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर लाखों शिक्षक एवं करोड़ों विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रार्थना सभाओं में पाँच संकल्प लेकर एक स्वर में “हमारा विद्यालय – हमारा स्वाभिमान” का उद्घोष किया और उसे आत्मसात किया।


प्रदेश इकाई के निर्देशानुसार जनपद देवरिया के 1298 परिषदीय विद्यालयों में भी यह कार्यक्रम उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें लगभग 4838 शिक्षक एवं 89737 विद्यार्थी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त निजी विद्यालयों में भी यह कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।


जिला संयोजक जयशिव प्रताप चन्द ने बताया कि विद्यालयों में लिया गया पंच संकल्प – स्वच्छता, अनुशासन, समय का सदुपयोग, चरित्र निर्माण, आत्म विकास, समाज सेवा, समरसता और राष्ट्र प्रेम – प्रत्येक विद्यार्थी व शिक्षक के हृदय में विद्यालय के प्रति तीर्थ का भाव जागृत करेगा। यह संकल्प विद्यालय और समाज के बीच जीवंत सेतु का कार्य करेंगे।


जिला सह-संयोजक विवेक मिश्र ने कहा कि जनपद में “हमारा विद्यालय – हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम जिस तरह से स्वतःस्फूर्त और सफलता पूर्वक संपन्न हुआ, वह संगठन द्वारा विगत तीन वर्षों से शिक्षा और शिक्षक हित में किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों का प्रतिफल है। विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा लिया गया साझा संकल्प विद्यालय एवं स्थानीय समुदाय के बीच सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत करेगा।


कार्यक्रम संयोजक आशुतोष नाथ तिवारी के अनुसार यह संकल्प कार्यक्रम शिक्षा को न केवल उद्देश्यपूर्ण बनाएगा, बल्कि चरित्र निर्माण, व्यक्ति निर्माण एवं राष्ट्र पुनर्निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। विद्यार्थी व शिक्षक मिलकर शैक्षिक उन्नयन और राष्ट्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।


कार्यक्रम की सफलता में जिला इकाई के आशुतोष चतुर्वेदी, सह-संयोजक अमृता मिश्र, राघवेन्द्र कुशवाहा, आशुतोष मिश्र ‘अमन’, जिला इकाई के अशोक तिवारी, शशांक मिश्र, गोविंद सिंह, प्रमोद कुशवाहा, नर्वदेश्वर मणि, ज्ञानेश यादव, शिखर शिवम, अभिषेक जायसवाल, रजनीकांत, वागीश मिश्र सहित सभी ब्लॉक इकाइयों एवं न्याय पंचायत प्रभारियों का सराहनीय योगदान रहा।

बुधवार, जुलाई 16, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया ने विद्यालय युग्मन के खिलाफ दिया जिलाधिकारी को ज्ञापन

आज दिनांक 16 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया ने जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद के नेतृत्व में
जिलाधिकारी महोदया से मुलाकात की। संगठन ने अपने पूर्व पत्राचार का हवाला देते हुए बताया कि 50 से कम छात्रसंख्या वाले विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में मर्ज कर दिया गया है, जिससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों, विशेष रूप से छात्राओं की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संगठन ने अनुरोध किया कि 50 से अधिक नामांकन वाले जिन विद्यालयों को भी अन्य स्कूलों में विलय किया गया है, उन्हें पुनः पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।

 14 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री जी द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देश दिया गया था कि "जिन विद्यालयों में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं, उन्हें स्वतंत्र विद्यालय के रूप में संचालित किया जाए"। इस निर्देश का अनुपालन जनपद देवरिया में भी सुनिश्चित कराने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि इस विलय नीति के कारण विशेष रूप से ग्रामीण, दलित, पिछड़े और बालिका शिक्षा प्रभावित हो रही है।

इसके अलावा गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों और मानक विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालन पर रोक लगाने तथा शिक्षकों को BLO ड्यूटी से मुक्त करने हेतु भी पत्रक दिया गया।

जिस पर जिलाधिकारी महोदया ने 50 से अधिक नामांकन वाले स्कूलों का युग्मन न किए जाने का अनुरोध करने पर सकारात्मक सहमति व्यक्त कीं और 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों जिन स्कूलों का अव्यवहारिक युग्मन किया गया है उनका स्थलीय सत्यापन कर निस्तारित करने हेतु बीएसए से कहीं। साथ ही जिलाधिकारी महोदया ने बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों और मानक विहीन मान्यता प्राप्त स्कूलों की जांच एवं उचित कार्यवाही हेतु अपर जिलाधिकारी प्रशासन सर को निर्देशित कीं।

सोमवार, जुलाई 07, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने युग्मन नीति के खिलाफ किया ज़बरदस्त प्रदर्शन

 शिक्षा सिर्फ किताबों और दीवारों तक सीमित नहीं होती, यह एक बच्चे का भविष्य, एक गाँव की आत्मा और पूरे

राष्ट्र की नींव होती है। लेकिन जब उस नींव को ही हिला देने वाला कोई फैसला हो, तो आवाज़ उठना स्वाभाविक है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे विद्यालय युग्मन (पेयरिंग) के फैसले ने प्रदेशभर के शिक्षकों को झकझोर कर रख दिया है।

इसी क्रम में आज देवरिया ज़िले में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने युग्मन नीति के खिलाफ ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां, आँखों में चिंता और दिल में विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर आक्रोश—यह प्रदर्शन सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की पुकार थी।

मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया

बीएसए कार्यालय से शुरू हुआ यह विरोध मार्च नारेबाजी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। महासंघ के ज़िला संयोजक जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि यह ज्ञापन केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि उन बच्चों का प्रतिनिधित्व करता है जिनकी शिक्षा इस नीति से बुरी तरह प्रभावित होगी।

उन्होंने कहा, “बिना भौतिक सर्वेक्षण, ग्राम सभा और SMC की सहमति के युग्मन का यह निर्णय न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है, बल्कि ग्रामीण व गरीब छात्रों के शिक्षा के अधिकार के साथ अन्याय है।”

शिक्षकों का गुस्सा फूटा — “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं”

जिला सहसंयोजक विवेक मिश्रा ने कहा, “इस प्रकार का मनमाना आदेश शिक्षक समाज को स्वीकार नहीं है। यदि अब आवाज़ नहीं उठाई गई, तो भविष्य में नौकरियों पर भी संकट आ सकता है।“

गोविन्द सिंह ने इसे आरटीई एक्ट 2009 के खिलाफ बताते हुए कहा, “विद्यालय केवल भवन नहीं होते, वे गाँव की आत्मा होते हैं। बच्चियाँ जो पहले विद्यालय जाती थीं, वे दूरी बढ़ने पर पढ़ाई से वंचित हो जाएँगी।”

अशोक तिवारी ने प्रशासन की अनदेखी पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा, “छात्र संख्या में पहले से ही बढ़ोत्तरी हो रही है। अप्रैल 2025 की संख्या के आधार पर युग्मन करना अव्यवहारिक है, जबकि सितंबर 2025 तक का समय दिया जाना चाहिए।”

आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा, “दूरी बढ़ने से ड्रॉपआउट की दर बढ़ेगी और पोषण, स्वास्थ्य, व उपस्थिति पर भी गहरा असर पड़ेगा। हम समावेशी शिक्षा चाहते हैं, अलगाव नहीं।”

एकजुट हुआ शिक्षक समाज — महिला शिक्षक संघ, अनुदेशक संघ सहित कई संगठन शामिल

इस विरोध प्रदर्शन में अनुदेशक संघ, शिक्षामित्र संघ, महिला शिक्षक संघ और अटेवा जैसे कई संगठनों ने हिस्सा लिया। मंच से विज्ञान सिंह, नीलम सिंह, मदन पटेल, अभिषेक गुप्ता और जय सिंह यादव ने शिक्षकों की भावनाओं को स्वर देते हुए सरकार से युग्मन नीति वापस लेने की माँग की।

हज़ारों की संख्या में जुटे शिक्षक

इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ज़िला और ब्लॉक इकाईयों के हज़ारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। प्रदर्शन में सत्यप्रकाश त्रिपाठी, आशुतोष नाथ तिवारी, शशांक मिश्र, ज्ञानेश यादव, प्रमोद कुशवाहा, वागीश दत्त मिश्र समेत अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

ब्लॉक स्तर से भी जितेन्द्र साहू, देवेन्द्र सिंह, एहसान उल हक, वीरेन्द्र यादव, संतोष त्रिपाठी समेत समस्त संयोजकों ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।

रविवार, जुलाई 06, 2025

आज 7 जुलाई को युग्मन के विरोध में ज्ञापन देगा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ

आज 7 जुलाई  2025 को विद्यालय युग्मन के खिलाफ राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया ने विरोध स्वरूप ज्ञापन का
कार्यक्रम दोपहर 2:30 बजे से रखा है . जिला संयोजक जय शिवप्रताप चंद ने बताया कि कार्यक्रम में शिक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया के कार्यालय पर एकत्र हो कर शांतिपूर्ण तरीके से जिलाधिकारी कार्यालय तक जायेंगे और वहां जिलाधिकारी महोदय को माननीय मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन सौपेंगे. 

उन्होंने समस्त अध्यापकों एवं संगठनों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा के अस्तित्व को बचाने के लिए, अपने सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के रोजगार के लिए हम सभी को एक स्वर में आज आवाज बुलन्द करनी है..

🗓 दिनांक : 07-07-2025
🕝 समय : 02:30 बजे
📍 स्थान : बीएसए कार्यालय, देवरिया

बुधवार, मई 14, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ब्लॉक इकाई भाटपाररानी का हुआ गठन,संतोष गुप्ता बने ब्लॉक संयोजक

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देवरिया के तत्वाधान में 14 मई 2025, दिन बुधवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र भाटपार रानी में गठन किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि से हुई। इसके बाद जनपद व ब्लॉक इकाई के समस्त पदाधिकारियों का माल्यार्पण व बैज अलंकरण कर स्वागत किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए जिला संयोजक जय शिव प्रताप चन्द ने कहा कि जनपद की शिक्षक राजनीति में
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एक संवेदनशील, स्वस्फूर्त,सजग व सक्रिय संगठन के रूप में अलग पहचान रखता है। भाटपार रानी में गठन के साथ जनपद के सभी 16 ब्लॉक में अपनी सक्रिय इकाइयों को स्थापित करने वाला इकलौता संगठन है। भाटपार रानी के शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

जिला सह संयोजक विवेक कुमार मिश्र ने कहा कि आज पूरे जनपद में अल्प अवधि में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों का जो भरोसा जीता है उसके जड़ में संगठन का आंतरिक लोकतंत्र, प्रतिबद्धता व निर्भीकता है जो हमें अन्य संगठनों के कार्यशैली से अलग करती है। 

जिला कोर कमेटी के सदस्य गोविन्द सिंह ने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा शिक्षकों के उत्पीड़न के विरुद्ध प्रभावी व त्वरित मोर्चा खोलकर शिक्षक सम्मान की बहाली की एक मजबूत इबारत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने लिखी है ।

जिला कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य अशोक तिवारी द्वारा नव गठित ब्लॉक इकाई की घोषणा व शपथ ग्रहण की कार्यवाही संपादित कराई गई।

भाटपार रानी के नव मनोनीत पदाधिकारी क्रमशः संतोष कुमार गुप्ता संयोजक, ऋषिकेश कुमार सिंह,संजय यादव, बृजेश मणि (सह संयोजक), अर्पण भारती (मीडिया प्रभारी), 

सूरज गुप्ता (सह मीडिया प्रभारी),

संदीप कुमार (सदस्यता प्रमुख), नासिर अली सिद्दीकी (सह सदस्यता प्रमुख)सर्वसम्मति से घोषित किए गए।

ब्लॉक संयोजक संतोष कुमार गुप्ता व सह संयोजक ऋषिकेश सिंह द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त शिक्षकों व शिक्षक पदाधिकारियो के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए ब्लाक के शिक्षकों के हितों के लिए संगठन के साथ निष्ठा से काम करने का आश्वासन दिया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम के समापन की औपचारिक घोषणा की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद व संचालन जिला कोर कमेटी के सदस्य नर्वदेश्वर मणि ने किया।

       इस अवसर पर जिला कोर समिति के समस्त सदस्य, समस्त ब्लॉक इकाईयों के पदाधिकारीगण सहित भाटपार रानी के आलोक सिंह, अरविन्द सिंह, सरवरे आलम, वरुणेश मिश्रा,अशोक यादव, वेदप्रकाश, जितेंद्र पान्डेय, विजय दूबे, संदीप कुशवाहा,पीयूष कुमार, नागेन्द्र कुमार, सईद अहमद, उदय गुप्ता, अमीरी लाल, गणपति, ऊषा मिश्रा, माधुरी पाण्डेय, प्रेमलता यादव, वीणा श्रीवास्तव सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।

सोमवार, मार्च 24, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल ने डायट प्राचार्य से की शिष्टाचार भेंट

आज दिनांक 24 मार्च, 2025 को टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद

के नेतृत्व में आदरणीय डायट प्राचार्य महोदय से शिष्टाचार भेंट की व जनपद में उनका स्वागत व अभिनन्दन किया।

 साथ ही साथ प्रतिनिधि मंडल बैंक ऑफ़ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक से भी मिला तथा पीएफएमएस से सम्बंधित शिक्षकों की समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया तथा विद्यालय अवधि के पश्चात PPA जमा करने में हो रही समस्याओं के निराकरण पर चर्चा किया।

 महोदय द्वारा संपूर्ण समाधान व तेजी से कार्यों को पूर्ण कराने का आश्वासन दिया गया।

इस दौरान सहसंयोजक विवेक मिश्रा, अशोक तिवारी, प्रमोद कुशवाहा, ज्ञानेश यादव,शशांक मिश्रा, आशुतोष मिश्र, दिनेश यादव,आशुतोष चतुर्वेदी इत्यादि मौजूद रहे।


शनिवार, मार्च 22, 2025

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग किया

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक जयशिव प्रताप चन्द के नेतृत्व में आज़ जिला

बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा वित्त एवं लेखा अधिकारी से भेंट कर शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग किया।

प्रतिनिधिमंडल ने आगामी शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु विद्यालयों में समय से पाठ्य पुस्तकें एवं रिपोर्ट कार्ड उपलब्ध कराने, प्रोन्नत वेतनमान आदेश शीघ्र जारी करने, शिक्षकों के अवशेष चयन वेतनमान के आदेश एवं एरियर भुगतान सुनिश्चित करने, सेवानिवृत्त शिक्षकों के समस्त देयकों का समय पर भुगतान, तथा नवीन नामांकन व प्रवेश के लिए ठोस पहल करते हुए जनपद में संचालित गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अभियान चलाकर बंद करने की मांग किया। इसके अलावा पूर्व से कार्यरत संकुल शिक्षकों को कार्यमुक्त  करने तथा 2004 के पूर्व शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने हेतु विकल्प पत्र भरने के लिए आदेश निर्गत करने की भी मांग किया गया।

वित्त एवं लेखा अधिकारी से मुलाकात के दौरान 31 मार्च को ईद के त्योहार को देखते हुए मार्च माह के वेतन का समय से भुगतान, 12460 भर्ती के शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि  तथा विभिन्न प्रकार के बकाया का भुगतान करने सहित चयन वेतनमान से आच्छादित शिक्षकों के बकाया एरियर के शीघ्र भुगतान की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।

जिला संयोजक ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, देवरिया शिक्षकों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है और आशा करता है कि जिला कार्यालय इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए समाधान करेगा।

सह संयोजक विवेक मिश्र ने कहा कि कार्यालय स्तर पर लंबित समस्याओं का समय से निस्तारण न होने की दशा में संगठन संघर्ष के लिए सदैव तत्पर है।

प्रतिनिधिमंडल में जिला सह-संयोजक विवेक मिश्र, अशोक तिवारी, गोविन्द सिंह, शशांक मिश्र, प्रमोद कुशवाहा, आशुतोष नाथ तिवारी, आशुतोष चतुर्वेदी, नर्वदेश्वर मणि, वागीश मिश्र, शिखर शिवम, रजनीकांत तिवारी, जितेन्द्र साहू अनुज पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।